Department News    संगठन के अंतर्गत नदियों एवं नहरों का डिस्चार्ज (क्यू0)- गंगा नदी हरिद्वार -14349 पी0यू0जी0सी-5036, रायवाला-19536, बिजनौर डाउन-12077, खो बैराज-0, नरौरा बैराज अपस्ट्रीम-9944 एवं डाउन स्ट्रीम-4896, एल0जी0सी0-5507, पी0एल0जी0सी0-0, फर्रूखाबाद शाखा-0, नदरई डाउन-5031 नदरई पी0एल0जी0सी0-0, नदरई स्केप-0, PLGC नदरई स्केप-0, बेवर शाखा-0, कानपुर शाखा-2536, जसराना-152, पश्चिमी इलाहाबाद शाखा-1688, फतेहपुर शाखा-1095, फतेहपुर शाखा-किमी0 31.400(एल0जी0सी0फतेहपुर)-1136 फतेहपुर शाखा-किमी0 59.600 (एल0जी0सी0फतेहपुर)-831, फतेहपुर शाखा-किमी0 59.600 (सि0ख0फतेहपुर)-171, इटावा शाखा-1087, इटावा शाखा दिबियापुर-1120, भोगनीपुर शाखा-899, जरौली पम्प नहर-100, किशनुपर पम्प नहर-0 एवं उमरहट पम्प नहर-0, लवकुश बैराज अपस्ट्रीम-113.180 मीटर, डाउनस्ट्रीम - शुक्लागंज -9253, यमुना नदी एट इटावा-0 मीटर एवं औरैया- 0 मीटर, चम्बल नदी-0 मीटर

Kali River


उत्तर प्रदेश में "काली नदी " नाम की दो नदियाँ हैं। पूर्वी काली नदी मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा तथा फर्रुखाबाद जिलों में होकर बहती है। इसका उद्गम मुजफ्फरनगर जिले में है जहाँ यह 'नागन' के नाम से विख्यात है। मुजफ्फरनगर तथा मेरठ जिलों में इसका मार्ग अनिश्चित रहता है। परंतु बुलंदशहर पहुँचकर यह निश्चित घाटी में बहती है तथा वर्ष भर इसमें जल रहता है। यहाँ इसे काली नदी कहते हैं जो 'कालिंदी' का पारसी लेखकों द्वारा प्रयुक्त अपभ्रंश रूप है। यहाँ पर इसकी दिशा दक्षिण के बजाय दक्षिण-पूर्व हो जाती है। इसी ओर चलती हुई काली नदी कन्नौज से कुछ पहले ही गंगा में मिल जाती है। बुलंदशहर से एटा तक काली नदी में वर्षा तथा नहर से इतना अधिक जल प्राप्त होता है कि पहले यह भाग बाढ़ग्रस्त हो जाता था। अब सिंचाई विभाग ने इस समस्या का उचित उपाय कर दिया है। एटा जिले में निचली गंगा नहर इस नदी के ऊपर से नदरई ऐक्वेडक्ट द्वारा बहती है। काली नदी की कुल लंबाई 460 किमी है।
पश्चिमी काली नदी उत्तर प्रदेश के सहारनुपर जिले में शिवालिक से २५ किमी दक्षिण से निकलकर दक्षिण-पश्चिम तथा दक्षिण की ओर सहारनपुर तथा मुजफ्फरनगर जिलों में बहती है। मेरठ जिले की उत्तरी सीमा पर यह हिंडन नदी में समा जाती हैं।

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